पूर्वी चंपारण जिला, जिसे आमतौर पर मोतिहारी के नाम से जाना जाता है, बिहार राज्य का एक ऐतिहासिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। इसका मुख्यालय मोतिहारी शहर में स्थित है। यह जिला 1972 में पश्चिमी चंपारण से अलग होकर बना था। मोतिहारी जिला नेपाल की सीमा से सटा हुआ है, जिससे यह सामरिक रूप से भी एक संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इसकी सीमाएं उत्तर में नेपाल, पूर्व में सीतामढ़ी व शिवहर, दक्षिण में मुजफ्फरपुर और पश्चिम में पश्चिमी चंपारण जिलों से मिलती हैं।
इस जिले का सबसे बड़ा ऐतिहासिक महत्व है 1917 का चंपारण सत्याग्रह, जिसे महात्मा गांधी ने नील की खेती करने वाले किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रारंभ किया था। यह भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक बड़ा मोड़ था। गांधी जी की इस ऐतिहासिक यात्रा की स्मृति में मोतिहारी में "गांधी संग्रहालय" और "सत्याग्रह स्थल" स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक जॉर्ज ऑरवेल का जन्म भी यहीं 1903 में हुआ था, जिसे साहित्यिक दृष्टि से भी यह जिला विशिष्ट बनाता है।
भूगोल की दृष्टि से पूर्वी चंपारण एक कृषि प्रधान जिला है, जहाँ धान, गेहूं, मक्का और गन्ना जैसे फसलें प्रमुख रूप से उगाई जाती हैं। जिले की जलवायु उष्णकटिबंधीय है और यहाँ बाढ़ की समस्या समय-समय पर देखी जाती है। जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 3968 वर्ग किलोमीटर है और 2011 की जनगणना के अनुसार इसकी जनसंख्या 50 लाख से अधिक थी। जिले में हिंदी, भोजपुरी और मैथिली प्रमुख भाषाएँ हैं।
प्रशासनिक दृष्टि से जिला 6 अनुमंडलों और 27 प्रखंडों में विभाजित है। इसमें कई नगर निकाय हैं, जिनमें मोतिहारी नगर निगम सबसे बड़ा है। जिले में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थित है, जो उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। इसके अतिरिक्त कई कॉलेज, स्कूल और तकनीकी संस्थान भी यहाँ स्थित हैं।
यातायात की दृष्टि से मोतिहारी जिला काफी सुलभ है। बापूधाम मोतिहारी रेलवे स्टेशन एक प्रमुख जंक्शन है, जो देश के कई बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है। सड़क मार्ग से यह राष्ट्रीय राजमार्ग 28 के माध्यम से पटना, मुजफ्फरपुर और दिल्ली जैसे शहरों से जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डे पटना और दरभंगा में स्थित हैं। पर्यटन की दृष्टि से भी मोतिहारी एक महत्वपूर्ण स्थान है। यहाँ स्थित केसरिया स्तूप को विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप माना जाता है। इसके अतिरिक्त अररज शिव मंदिर, जॉर्ज ऑरवेल मेमोरियल और मोतीझील जैसे स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इस प्रकार, मोतिहारी न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से, बल्कि प्रशासनिक, शैक्षणिक और आर्थिक दृष्टि से भी बिहार राज्य का एक प्रमुख जिला है।
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिला का गठन केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं था, बल्कि यह ऐतिहासिक रूप से एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र भी रहा है। चंपारण क्षेत्र प्राचीन काल से ही विद्या, साधना और संस्कृति की भूमि रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह वही स्थान है जहाँ राजा जनक (सीता के पिता) ने विदेह साम्राज्य की स्थापना की थी, और यह क्षेत्र मिथिला संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। यहां के ग्रामीण इलाकों में आज भी पारंपरिक लोककला, लोकगीत, और भोजपुरिया विरासत जीवित है।